बिहार डेयरी फार्मिंग लोन योजना 2025: ₹42 लाख तक की सब्सिडी, योजना और आवेदन प्रक्रिया

By: Yadavkrishna

On: August 24, 2025

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बिहार डेयरी फार्मिंग लोन योजना 2025: ₹42 लाख तक की सब्सिडी, योजना और आवेदन प्रक्रिया

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बिहार डेयरी फार्मिंग लोन योजना 2025, जिसे समग्र गव्य विकास योजना के तहत संचालित किया जाता है, बिहार सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है। यह योजना डेयरी फार्मिंग को बढ़ावा देने और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर पैदा करने के लिए शुरू की गई है। इसके तहत, डेयरी यूनिट स्थापित करने के लिए ₹42 लाख तक की सब्सिडी और लोन सुविधा प्रदान की जाती है। यह योजना विशेष रूप से किसानों, पशुपालकों, और बेरोजगार युवाओं के लिए डिज़ाइन की गई है, जो डेयरी व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। इस लेख में, हम योजना के विवरण, लाभ, पात्रता, और आवेदन प्रक्रिया को विस्तार से समझाएंगे।

बिहार डेयरी फार्मिंग लोन योजना 2025: अवलोकन

विवरण जानकारी
योजना का नाम बिहार समग्र गव्य विकास योजना / डेयरी फार्मिंग लोन योजना
विभाग पशु और मत्स्य संसाधन विभाग, बिहार सरकार
लाभ ₹42 लाख तक की सब्सिडी और लोन सुविधा
पात्रता बिहार के निवासी, डेयरी व्यवसाय में रुचि रखने वाले
आवेदन शुरू होने की तारीख 15 अगस्त 2024
आवेदन की अंतिम तारीख 25 जुलाई 2025
आधिकारिक वेबसाइट dairy.bihar.gov.in
हेल्पलाइन नंबर जिला गव्य विकास अधिकारी या पशु और मत्स्य संसाधन विभाग से संपर्क करें

नवीनतम अपडेट: बिहार डेयरी फार्मिंग लोन योजना 2025 के तहत आवेदन प्रक्रिया 15 अगस्त 2024 से शुरू हो चुकी है। अब तक 1,849 से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें सबसे अधिक दो मवेशियों की यूनिट के लिए हैं।

बिहार डेयरी फार्मिंग लोन योजना क्या है?

बिहार डेयरी फार्मिंग लोन योजना, जिसे समग्र गव्य विकास योजना के हिस्से के रूप में लागू किया गया है, बिहार में डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए शुरू की गई है। इस योजना के तहत, डेयरी यूनिट स्थापित करने के लिए 50% से 75% तक की सब्सिडी और लोन सुविधा प्रदान की जाती है। यह योजना देसी गौपालन योजना, समग्र भैंस पालन योजना, और समग्र गव्य विकास योजना के तहत संचालित होती है। इसका उद्देश्य दूध उत्पादन बढ़ाना, स्वरोजगार के अवसर पैदा करना, और पशुपालकों की आय में वृद्धि करना है।

योजना के उद्देश्य

  • दूध उत्पादन बढ़ाना: बिहार में दूध की उपलब्धता और उत्पादकता को बढ़ाना।
  • स्वरोजगार: ग्रामीण युवाओं और किसानों के लिए रोजगार के अवसर सृजित करना।
  • आर्थिक सशक्तिकरण: कम लागत में डेयरी व्यवसाय शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता।
  • समावेशी विकास: SC/ST, अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC), और अन्य समुदायों को प्राथमिकता।

योजना के लाभ और सब्सिडी विवरण

बिहार डेयरी फार्मिंग लोन योजना 2025 के तहत निम्नलिखित लाभ प्रदान किए जाते हैं:

  1. सब्सिडी:
    • सामान्य श्रेणी: 50% सब्सिडी (2 या 4 मवेशियों की यूनिट के लिए)।
    • EBC/SC/ST: 75% सब्सिडी (2 या 4 मवेशियों की यूनिट के लिए)।
    • 15 या 20 मवेशियों की यूनिट: सभी श्रेणियों के लिए 40% सब्सिडी।
  2. यूनिट लागत और सब्सिडी:
    मवेशियों की संख्या कुल लागत सब्सिडी (सामान्य) सब्सिडी (EBC/SC/ST)
    2 मवेशी ₹1.74 लाख ₹87,000 (50%) ₹1,30,500 (75%)
    4 मवेशी ₹3.90 लाख ₹1,95,000 (50%) ₹2,92,500 (75%)
    15 मवेशी (बछड़े सहित) ₹15.34 लाख ₹6,13,600 (40%) ₹6,13,600 (40%)
    20 मवेशी ₹20.22 लाख ₹8,08,800 (40%) ₹8,08,800 (40%)
  3. ₹42 लाख की सब्सिडी:
    • कुछ स्रोतों के अनुसार, बड़े पैमाने की डेयरी यूनिट (50 मवेशियों तक) के लिए ₹42 लाख तक की सब्सिडी और लोन की सुविधा उपलब्ध हो सकती है। यह विशेष रूप से बड़े डेयरी फार्म्स के लिए लागू हो सकता है, लेकिन इसके लिए जिला गव्य विकास अधिकारी से पुष्टि आवश्यक है।
  4. लोन सुविधा:
    • बैंकों और वित्तीय संस्थानों के माध्यम से कम ब्याज दर पर लोन।
    • NABARD लोन: राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) के तहत लोन उपलब्ध।
  5. अन्य लाभ:
    • डेयरी प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता।
    • मवेशियों की खरीद, शेड निर्माण, और उपकरण खरीद के लिए सहायता।
    • बाजार लिंकेज और दूध विपणन के लिए सहायता।

पात्रता मानदंड

योजना का लाभ उठाने के लिए निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होंगी:

  1. निवास: आवेदक बिहार का स्थायी निवासी होना चाहिए।
  2. आयु: 18 वर्ष से अधिक।
  3. प्रशिक्षण: डेयरी फार्मिंग से संबंधित प्रशिक्षण प्रमाणपत्र (पशु और मत्स्य संसाधन विभाग द्वारा प्रदान)।
  4. पशु संख्या: न्यूनतम 2 और अधिकतम 20 मवेशियों की यूनिट के लिए आवेदन।
  5. बैंक खाता: आधार से लिंक बैंक खाता।
  6. विशेष प्राथमिकता: SC/ST, EBC, और महिला आवेदकों को प्राथमिकता।

आवश्यक दस्तावेज

आवेदन के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी:

  • आधार कार्ड
  • निवास प्रमाण पत्र
  • जाति प्रमाण पत्र (SC/ST/EBC के लिए)
  • डेयरी प्रशिक्षण प्रमाणपत्र
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • बैंक पासबुक की कॉपी
  • कैंसिल चेक
  • जमीन की रसीद (यदि उपलब्ध हो)
  • आय प्रमाण पत्र
  • डेयरी यूनिट का प्रस्ताव/प्रोजेक्ट रिपोर्ट

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया

बिहार डेयरी फार्मिंग लोन योजना 2025 के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया निम्नलिखित है:

स्टेप 1: आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं

  • वेबसाइट: dairy.bihar.gov.in पर जाएं।
  • होमपेज पर Apply Online या योजना के लिए आवेदन विकल्प चुनें।

स्टेप 2: रजिस्ट्रेशन करें

  • Register विकल्प पर क्लिक करें।
  • नाम, आधार नंबर, मोबाइल नंबर, और अन्य विवरण भरें।
  • OTP सत्यापन के बाद रजिस्ट्रेशन पूरा करें।

स्टेप 3: लॉगिन करें

  • प्राप्त लॉगिन ID Commissioiner ID और पासवर्ड का उपयोग करके लॉगिन करें।

स्टेप 4: आवेदन फॉर्म भरें

  • योजना का प्रकार (देसी गौपालन, समग्र भैंस पालन, या समग्र गव्य विकास योजना) चुनें।
  • व्यक्तिगत, मवेशी, और यूनिट से संबंधित विवरण भरें।

स्टेप 5: दस्तावेज अपलोड करें

  • सभी आवश्यक दस्तावेजों की स्कैन कॉपी (PDF/JPG, 150 KB से कम) अपलोड करें।
  • सुनिश्चित करें कि दस्तावेज स्पष्ट और सही हों।

स्टेप 6: आवेदन सबमिट करें

  • सभी विवरण और दस्तावेजों की जांच करें।
  • Submit बटन पर क्लिक करें।
  • आवेदन की पुष्टि संख्या (Reference Number) प्राप्त करें और इसे सुरक्षित रखें।

ऑफलाइन आवेदन

  • नजदीकी जिला गव्य विकास कार्यालय या पशु और मत्स्य संसाधन विभाग से फॉर्म प्राप्त करें।
  • फॉर्म भरें और आवश्यक दस्तावेजों के साथ जमा करें।

आवेदन की स्थिति जांचें

  • वेबसाइट: dairy.bihar.gov.in पर जाएं।
  • Application Status विकल्प चुनें।
  • आवेदन संख्या या आधार नंबर दर्ज करें।
  • स्थिति स्क्रीन पर प्रदर्शित होगी।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • सब्सिडी राशि: 2 मवेशियों के लिए ₹87,000 से लेकर 20 मवेशियों के लिए ₹8,08,800 तक; बड़े यूनिट्स के लिए ₹42 लाख तक संभव।
  • प्रशिक्षण: डेयरी प्रशिक्षण अनिवार्य है।
  • अंतिम तारीख: 25 जुलाई 2025 तक आवेदन करें।
  • कोई शुल्क नहीं: आवेदन प्रक्रिया मुफ्त है।
  • हेल्पलाइन: जिला गव्य विकास अधिकारी या पशु और मत्स्य संसाधन विभाग से संपर्क करें।

योजना के फायदे

  • वित्तीय सहायता: 50% से 75% तक सब्सिडी और कम ब्याज दर पर लोन।
  • आर्थिक लाभ: प्रति लीटर दूध पर ₹2.98 से ₹4.71 तक का मुनाफा।
  • रोजगार सृजन: ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर।
  • बाजार लिंकेज: दूध विपणन के लिए सहकारी समितियों के साथ सहायता।

निष्कर्ष

बिहार डेयरी फार्मिंग लोन योजना 2025 डेयरी व्यवसाय शुरू करने का एक सुनहरा अवसर है। ₹42 लाख तक की सब्सिडी और लोन सुविधा के साथ, यह योजना किसानों और युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद करती है। समय सीमा (25 जुलाई 2025) से पहले आवेदन करें और अपने डेयरी फार्म का सपना साकार करें। अधिक जानकारी के लिए dairy.bihar.gov.in पर जाएं या अपने जिला गव्य विकास कार्यालय से संपर्क करें।

शुभकामनाएं!

स्रोत:

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